बोलिंगर बैंड क्या है और यह कैसे वर्क करती है ? What is the Bollinger band and how it works?

बोलिंगर बैंड क्या है और यह कैसे वर्क करती है ? What is the Bollinger band and how it works ?

बोलिंगर बैंड्स एक ऐसा टेक्निक है जो फोरेक्स ट्रेडर के ट्रेडिंग चार्ट में दूसरे इंडिगाटोर रहे य न रहे बोलिंगर बैंड्स जरूर रहती है। फोरेक्स ट्रेडिंग पर बोलिंगर बैंड का कुछ ऐसी महत्व है जिस बजह से ट्रदिंड पे शातिर ट्रेडर बोलिंगर बैंड्स का इस्तेमाल करते है।

बोलिंगर बैंड्स का इस्तेमाल बहुत ही सरल है। बोलिंगर बैंड्स तीन बैंड्स से बने है ,1 उप्पेर बैंड्स 2 लोअर बैंड्स 3 मिडिल बैंड्स

Middle Bands :- इन तीनो में से मिडिल बैंड्स सिंपल मूविंग एवरेज है, जो स्टॉक प्राइस की एवरेज का काम करती है , मिडिल बैंड्स की रेंज 20 डेज परिबर्तन करके अपने हिसाब से 10 डेज य्फीर 30 डेज भी कर सकते है। मिडिल बंद डायनामिक समर्थन और प्रतिरोध की काम करती है। आप अंदाज़ा लगा सकते है प्राइस कितने निचे जा सकते है ऊपर से। और जब प्राइस नीचे से यनि लोअर बैंड्स होक ऊपर की तरफ जा रहा होगा तो कहा तक जा सकते है उसका भी अंदाज़ा लगाया जा सकते है। उप्पेर बैंड्स और लोअर बैंड्स डेविएशन की काम करती है।

Upper Bands and Lower Bands :- ट्रेडिंग के वक्त किसी स्टॉक की प्राइस जब ज्यादा चढ़ता है और गिरता है तब उप्पेर बैंड्स,लोअर बैंड्स दोनों में दूरियां बन जाती है। जब ट्रेडर्स ट्रेड करती है उस वक्त अगर किसी भी स्टॉक की प्राइस धीमी गति से चलती है तब उप्पेर बैंड्स , लोअर बैंड्स दोनों नजदीक रहते है और स्टॉक में एक ब्रेकआउट आती है।

Bollinger Bands के माध्यम से परिवर्तन संकेत – परिवर्तन संकेत बनती है गिरावट और तेजी को बल । बोलिंगर बैंड्स में ब्रेकआउट और ब्रेकडाउन का फ्यूचर ट्रेंड पता लगा सकते है।

Price :- जब मार्केट में किसी स्टॉक में क्रेता और विक्रेता दोनों की ताकत बराबर हो जाती है तब कुछ समय के लिए स्टॉक साइड वे रहते है। तब बोलिंगर बैंड की तीनों बैंड नजदीक रहेगी और प्राइस एक्शन में परिबर्तन आयेगी। मतलब पहले अंदाजा लगा पाओगे अब स्टॉक में क्या हो सकते है। 

बोलिंगर बैंड क्या है और यह कैसे वर्क करती है ? What is the Bollinger band and how it works ?

 

 

 

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